यूनिटी मेटा टोकन के नाम से ठगी करने वाले तीन शातिर गिरफ्तार
*♦रायगढ़/* कम समय में रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखा कर लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पना साइबर ठगों का धंधा बन गया है। रायगढ़ साइबर पुलिस ने ऐसे ही एक बड़े अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को दबोचा है। इन शातिर ठगों ने ‘यूनिटी मेटा टोकन’ और ‘बीड क्वाइन’ जैसी फर्जी डिजिटल करेंसी में निवेश का लालच देकर ओडिशा के एक सीधे-साधे युवक से 11 लाख 60 हजार रुपये ठग लिए।
पीड़ित ने इन ठगों के झांसे में आकर अपना खेत तक बेच दिया 2024 में ओडिशा के गंजाम जिले का विक्रम परिडा काम की तलाश में रायगढ़ आया था। यहाँ चक्रधरनगर क्षेत्र में फास्ट फूड दुकान पर काम करने वाले गजुला मोहन से उसकी पहचान हुई। गजुला मोहन ने विक्रम को डिजिटल टोकन (यूनिटी मेटा टोकन व बीड क्वाइन) की दुनिया का ऐसा सुनहरा ख्वाब दिखाया कि उसने बड़े मुनाफे का लालच में अपनी ज़मीन (खेत) तक बेच दिया । 25 जुलाई से 3 सितंबर 2024 के बीच विक्रम ने अपनी इस पूरी जमापूंजी से कुल 11 लाख 60 हजार रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

ठगी के इस खेल को शातिर तरीके से अंजाम दिया गया। मुख्य आरोपी गजुला मोहन ने ठगी की इस रकम को अपने एक साथी चंदनदास के ज़रिए, बीड क्वाइन का काम संभालने वाले भावेष पटेल के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाया।तय समय के बाद भी जब विक्रम को न कोई मुनाफा मिला और न ही मूलधन वापस किया गया,तब उसे बड़ी धोखाधड़ी का एहसास हुआ। रकम मांगने पर आरोपियों ने टाल मटोल शुरू कर दी, तो पीड़ित ने आखिरकार साइबर पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने गहराई से जांच की तो चौकाने वाला खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी गजुला मोहन कोई आम ठग नहीं था।
उसके खिलाफ 2025 में भी चक्रधरनगर थाने में कई लोग (विवेकानंद राउत, देवेंद्र महापात्रे और शरद जैन) ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें स्टे मिलने के बाद से वह फरार था। पुलिस अब उसके ओडिशा और मुंबई तक फैले आपराधिक नेटवर्क को खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ठगी के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं।
साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों व बैंक खातों के स्टेटमेंट का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद जाल बिछाया और गजुला मोहन (45 वर्ष) मूलतः गंजाम ओडिशा हाल निवासी संजय नगर, रायगढ़।चंदन दास (33 वर्ष) मूलतः जगतसिंहपुर (ओडिशा), हाल निवासी रायगढ़ स्टेडियम के पास, भावेष पटेल (28 वर्ष) – निवासी कारीछापर, थाना पुसौर, रायगढ़ को पकड़ लिया इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में (SSP) शशि मोहन सिंह के निर्देश, एएसपी अनिल सोनी और एएसपी ट्रैफिक पुष्पेंद्र बघेल के मार्गदर्शन तथा साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक और उनकी टीम (विमल राय, नंद कुमार सारथी, ज्योत्सना शर्मा, दुर्गेश सिंह, रूप राम पटेल और पुष्पेंद्र जाटवर) की अहम भूमिका रही।




