*♦रायगढ़/* छत्तीसगढ़ विधानसभा के अढ़ाई साल बीत चुके हैं इस दौरान जो आंकड़े सामने आए हैं उसकी समीक्षा की जाए तो वो राज्य की राजनीति में एक दिलचस्प तस्वीर पेश करते हैं। विधानसभा की अब तक 74 बैठकों हुई है जिनमें उपस्थिति के मामले में बीजेपी की परफॉर्मेंस विपक्ष से ज्यादा अच्छी रही है उसके 6 विधायकों ने (सौ फीसदी ) शतप्रतिशत अंकों के साथ टाप किया जबकि विपक्ष का एक भी विधायक उनके आस पास भी नहीं फटक सका जन समस्या एवं विकास पर सवाल पूछने के मामले में भी विपक्ष पूरी तरह फिसड्डी साबित हुआ है इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्मलाल कौशिक ने सब को पछाड़ दिया है वे सर्वाधिक प्रश्न पूछने वाले नेता बन गए है उनके समकक्ष नेताओं मे भी भाजपा का ही बोलबाला है देखा जाए तो भाजपा का रिपोर्ट कार्ड काग्रेस से कई गुणा (बैटर) बेहतर है इन आंकड़ों में सी एम मंत्री विधान सभा अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष को शामिल नहीं किया गया है सौ फीसदी उपस्थिति का रिकॉर्ड बनाने वालो में भी भाजपा का ही बोलबाला है|
छत्तीसगढ़ी एक्टर धरसींवा विधायक अनुज शर्मा का नाम टॉप पर है उनके साथ राजिम के रोहित साहू वैशाली नगर के रिकेश सेन अहिवारा के डोमन लाल कोर्सेवाडा,कटघोरा के प्रेमचंद पटेल प्रतापपुर की शकुंतला सिंह पोर्ते ने सौ फीसदी अंकों के साथ मेरिट में टॉप किया है इसके अलावा 99 प्रतिशत अंक हासिल करने वालो में मोतीलाल साहू, इन्द्र कुमार साहू, पुन्नूलाल मोहले और भावना बोहरा जैसे विधायकों ने भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई ये सभी बीजेपी से है इनमें से एक भी विधायक कांग्रेस का नहीं है प्रमुख विपक्षी दल होने के बाद भी उस की परफॉर्मेंस बेहद पुअर साबित हुई है भाजपा ने एक ओर रिकॉर्ड बनाया हे वो हे सबसे कम उपस्थिति का जो है भरतपुर-सोनहट की भाजपा विधायक रेणुका सिंह के नाम जिनका नाम मुख्यमंत्री की दौड़ में भी शामिल था, उन्होंने सिर्फ 27 दिन ही विधान सभा को दिए जबकि 47 दिन वे अनुपस्थित रही|
सदन में जनसमस्या को उठाने में भी सरकार में होने के बावजूद बीजेपी के विधायकों ने ही अपने तीखे तेवरों से मंत्रियों को हलकान किया जबकि विपक्ष में बैठी काग्रेस इस मामले में भी मुकाबला नहीं कर सकी सदन की कार्यवाही में सक्रियता मापने का सबसे बड़ा पैमाना विधायकों द्वारा पूछे जाने वाले सवाल होते हैं। इस मोर्चे पर भी सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी रहा है सबसे ज्यादा सवाल पूछने वाले विधायक धर्मलाल कोशिक रहे वे बिल्हा से भाजपा विधायक हैं उन्होंने सदन में सबसे ज़्यादा 484 प्रश्न पूछकर पूरे प्रदेश में टॉप किया है इसके बाद अजय चंद्राकर और भावना बोहरा 284-284 प्रश्नों के साथ सयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे लेकिन भावना बोहरा महिला विधायकों में सबसे ज्यादा प्रश्न पूछने वाली विधायक रही विपक्ष से एकमात्र प्रमुख चेहरा कांग्रेस की ओर से खुज्जी के विधायक भोलाराम साहू रहे उन्होंने भी 284 प्रश्न पूछकर सत्ता पक्ष को कड़ी टक्कर दी और बराबरी पर रहे।

अजय – धर्मलाल ने गाड़ दिए झंडे,
रेणुका सिंह का ढाई साल का मौन
चौंकाने वाला अकड़ा भी बीजेपी के नाम ही रहा उसके दो विधायक ऐसे हैं जिन्होंने अढ़ाई साल में एक भी प्रश्न नहीं पूछा उसने भी एक बार फिर से मुख्यमंत्री की सशक्त दावे दार रही रेणुका सिंह का नाम शामिल है उन्होंने एक भी प्रश्न नहीं पूछा अढ़ाई साल तक उनका विधान सभा क्षेत्र पूरी तरह शांत रहा न कोई जनसमस्या और न किसी प्रकार के विकास की कोई बात हुई उनकी तरफ से सदन में पूरा अमन चैन कायम रहा इस रिपोर्ट कार्ड से यह साफ जाहिर हो गया कि शुरुआती ढाई साल के कार्यकाल में सत्ता पक्ष के विधायक जमीनी और विधायी कार्यों में अधिक मुखर एवं सक्रिय रहे हैं सौ फीसदी शत-प्रतिशत उपस्थिति का रिकॉर्ड हो या सदन में जनहित व क्षेत्रीय मुद्दों पर सरकार से तीखे सवाल पूछना हो भाजपा विधायकों ने विपक्षी खेमे को इस मामले में काफी पीछे छोड़ दिया है। कांग्रेस पार्टी सदन के अंदर अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने में कमजोर व असफल साबित हुई है कहा जाए तो कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभाने में भी पूरी तरह विफल रही !
*🔴रमेश पत्रकार 94252 52176*




