पूर्व लेप्टिनेंट जनरल ने की आपत्ति तेज तर्रार एस पी फंसी विवाद में
*♦रायगढ़/* छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में एस पी के साड़ी पहनकर AK-47 से फायरिंग करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है आई जी ने इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। विजय दशमी पर्व पर पुलिस द्वारा शस्त्र पूजन के बाद हर्ष फायरिंग की जाती है, इसी अवसर पर राजनांदगांव एस पी अंकिता शर्मा ने ड्रेस कोड का पालन करने की बजाए साड़ी पहन कर फायरिंग की ओर प्रोहिबिटेड हथियार का इस्तेमाल किया जिसका वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले ने विवाद खड़ा हो गया है,ओर इसे पुलिस मेन्यूवल के खिलाफ बताते हुए अनुशासनहीनता का मामला माना जा रहा है सोशल मीडिया एवं प्रेस में मुद्दा बनने के बाद आई जी अजय यादव ने भी इस पर संज्ञान लिया और एस पी को स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर दिया जिसका एस पी से जवाब मिलने के बाद टिप्पणी के साथ रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेजी जाएगी, एस पी अंकिता शर्मा के साड़ी पहनकर AK – 47 रायफल चलाने पर भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल के जे एस ढिल्लों ने भी आपत्ति जताई है। क्योंकि एके-47 प्रोहिबिटेड हथियार है।
इसकी सप्लाई सिर्फ सरकारी स्तर पर होती है। एक तो इससे कोई फायर नहीं कर सकते और लाइव फायरिंग तो बिल्कुल भी नहीं।राजनांदगांव एसपी से यहीं पर चूक हुई। उन्होंने एसएलआर या इंसास की जगह ए के-47 को फायरिंग के लिए चुना जबकि हर्ष फायरिंग में सिर्फ गोली की आवाज होती हैAK 47 से लाइव फायरिंग होती है जिसकी एक – एक गोली का हिसाब रखा जाता है दिल्ली में बैठे पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ने इसे पकड़ लिया। यदि इसका वीडियो वायरल नहीं हुआ होता तो मामला दब जाता लेकिन अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस मुख्यालय को भी इसे गंभीरता से लेना पड़ा है उसके बाद आई जी ने एस पी से जवाब तलब किया है मामला सिर्फ एस पी के साड़ी पहनकर फायरिंग करने तक सीमित नहीं है ।
बल्कि यह शस्त्र संचालन के नियमों व सुरक्षा मानकों की अनदेखी से जुड़ा है। वरिष्ठ अधिकारी का आचरण मातहत कर्मचारियों के लिए उदाहरण एवं प्रेरणा का काम करता है। ऐसे में वरिष्ठ अधिकारी का प्रत्येक आचरण विभाग की गरिमा व मर्यादा के साथ प्रतिष्ठा से जुड़ जाता है।ऐसे में हुईं मामूली सी चूक भी बड़ा मुद्दा बन जाती है अंकिता शर्मा के मामले में भी यही हुआ है उन्होंने जान बूझकर किसी नियम कायदे कानून का उल्लंघन नहीं किया 47 का चयन भी उत्सुकता व नए हथियार के परीक्षण से जुड़ा है रही बात मर्यादा या नियमों का उल्लंघन की तो शस्त्र पूजन व हर्ष फायरिंग के दौरान साड़ी पहनना स्वभाव गत महिला आचरण का एक हिस्सा है।
वैसे हर्ष फायरिंग में अब तक किसी ड्रेस कोड का पालन नहीं किया गया क्योंकि पूजा पाठ का मामला होने से नार्मल ड्रेस ही पहनी जाती रही है छत्तीसगढ़ में एक मात्र एस पी विजय अग्रवाल ने यूनिफार्म में हर्ष फायरिंग की है। अंकिता शर्मा महिला अधिकारी है उनके साड़ी पहनने को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए था किंतु एक के बाद एक कारण बनते चले गए और पूरे मामले ने विवाद का रूप धारण कर लिया। जो पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। अंकिता शर्मा प्रदेश के गिनें चुने तेज तर्रार अधिकारियों में शुमार होती है ऐसे में उनका किसी विवाद में फंसना दुर्भागतजनक घटना है!
*🔴रमेश पत्रकार 94252 52176*




