
♦️अमेरिकी सिंगर मिलबेन का दावा♦️
🔵रायगढ़/ नेपाल ओर बांग्लादेश ने अस्थिरता पैदा कर तख्ता पलट की योजना सफल होने के बाद अमेरिकी डोनर्स (दानदाता) अब भारत में भी मोदी को डॉमिनेट करने की साजिश कर रहे हैं इसका एक प्रत्यक्ष प्रमाण अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन का वो बयान हे जिसने उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी’ और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके को अमेरिका से विदेशी फंडिंग मिलने का आरोप लगाया है वरनाइतने बड़े पैमाने पर आंदोलन करने के लिए की जाने वाली तैयारी पर होने वाला खर्च कहां से आता पानी खाना तम्बू ओर साधन पर करोड़ो रुपए खर्च होते हैं इसका इंतजाम क्या बिना पैसे के हो सकता है ? इसके अलावा कुछ दाहिड़ी कार्यकर्ता भी अंगेज किए जाते हे जो माहौल बनाने का काम करते हैं मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए भारत के युवाओं से इस संगठन के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है। मैरी मिलबेन ने दावा किया है कि अमेरिका के कुछ खास डोनर्स (दानदाता), जो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी हैं, वे इस ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को आर्थिक मदद दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी डोनर्स का एक वैश्विक पैटर्न है,

♦️नेपाल-बांग्लादेश के बाद क्या♦️
♦️भारत बना अगला निशाना ?♦️
जिसके तहत वे दूसरे देशों के उन युवाओं को निशाना बनाते हैं जिन्होंने अमेरिका में पढ़ाई की हो। फिर उन्हें रेडिकलाइज (कट्टरपंथी) बना कर उनके गृह देश में अराजकता और अशांति फैलान फंडिंग दी जाती है CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है।मिलबेन ने भारत के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “यह चुप रहने का समय नहीं है।” “युवा देशभक्तों” से CJP की विघटन कारी विचार धारा के खिलाफ उठ खड़े होने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने की गुहार लगाई मिलबेन ने पी एम मोदी का खुलकर समर्थन किया है लिखा कि मोदी पिछले 25 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में हैं लगातार तीन बार चुने गए हैं। वह अमेरिका की ऐसी विघटन कारी ताकतों के आगे नहीं झुकेंगे। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राजधानी नई दिल्ली में विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा हैं।मिलबेन ने इस आंदोलन के पीछे अमेरिकी फंडिंग होने की बात कही, लेकिन इन दावों के पक्ष में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया है। इसके बाद भी CJP पर ऐसे आरोप लगाने की क्या आवश्यकत थी उन्हें क्यों भारत की चिंता होने लगी। इसका जवाब है मोदी जी के साथ उनकीफोटो जिसमें पीएम दोनों हाथ जोड़ कर लगभग नतमस्तक अवस्था में मिलबेंन को प्रणाम कर रहे है अब जब इतनी अच्छी केमेस्ट्री है तो मिलबेन को भारत ओर मोदी जी की चिंता होना स्वाभाविक बात है । उनके बयान पर CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पलटवार करते हुए कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है इसमें किसी विदेशी नागरिक को दखल देने या बोलने का कोई अधिकार नहीं है। विदेशी फंडिंग के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि देश में कोई अवैध विदेशी पैसा आ रहा है, तो यह केंद्रीय गृह मंत्रालय की विफलता होगी। अब यह कितना सच है ये CJP वाले जाने या फिर सरकारी एजेंसिया वैसे भारत में होने को कुछ भी हो सकता हैं अवैध पैसा असली नकली दोनों पहले भी आता रहा है इसलिए उसके जायज नजायज सोर्स क्या है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा हां इतना जरूर हे कि मोदी विरोधी भारत ने नेपाल व बंगला देश जैसी अराजक स्थिति की सार्वजनिक दुआ करते रहे हैं
🔴रमेश पत्रकार 94252 52176🔴



