50 हजार सांपों का रेस्क्यू करने वाली टीम का होना चाहिए सम्मान!
*♦रायगढ़/* छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करोड़ो में बिकने वाले दुर्लभ प्रजाति का रेड सैंड बोआ’ सांप को सर्प रक्षक टीम ने एक अज्ञात व्यक्ति के चंगुल से छुड़ा कर संभावित अंतर्राष्ट्रीय तस्करी को नाकाम कर दिया। बाद में इस दुर्लभ सांप को वन अधिकारियों के संरक्षण में सुरक्षित पुर्नवास के लिए उसे जंगल में छोड़ दिया कल दोपहर को यह दुर्लभ सांप रायगढ़ के समीप धनागर गांव में एक आदमी के घर में देखा गया जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति जंगल में छोड़ने का झांसा दे कर ले कर भाग रहा था इसकी सूचना सर्प रक्षक टीम के सदस्य पुष्पेंद्र त्रिपाठी को मिली तो उन्होंने तुरंत बाकी के सदस्यों को इसकी जानकारी दी।
गंभीरता को भांपते हुए सर्प रक्षक टीम के अध्यक्ष विनितेश तिवारी ने तत्काल समिति के सचिव सुमित बेहरा को सांप को अपनी सुरक्षा व कस्टडी में लेने का निर्देश दिया ओर सांप ले जाने वाले उस आदमी की तलाश की वो दो किलो मीटर को दूरी पर ही मिल गया टीम ने जिसके घर में सांप मिला था उस आदमी की मदद से उससे सांप वापस लिया ओर पूरी घटना की सूचना रायगढ़ वन विभाग के परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) एस. एल. लकड़ा को दी और फारेस्ट एस डी ओ आशीष जी एवं लकड़ा जी को सांप सौप दिया जिसके बाद वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के संरक्षण में इस दुर्लभ सांप का स्वास्थ्य परीक्षण करा उसे सुरक्षित प्राकृतिक पुनर्वास के लिए जंगल में छोड़ दिया गया।
सर्प रक्षक टीम ने बताया कि रायगढ़ और आसपास के क्षेत्र में पूरे 10 वर्षों के बाद यह दुर्लभ सांप देखा गया है जिस के संबंध में विशेषज्ञों का कहना है कि इसका वैज्ञानिक नाम ‘एरीक्स जॉनी’ (Eryx johnii) है और आम बोलचाल की भाषा में इसे “बिल खोदू सांप” या “दोमुंहा सांप” भी कहा जाता है,इसका पूंछ वाला हिस्सा भी सिर जैसा गोल दिखता है। यह सांप पूरी तरह विषहीन और शांत स्वभाव का होता है जो जमीन में बिल बनाकर मिट्टी को भुरभुरी व उपजाऊ बनाता है तथा खेतों में फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले चूहों और कीटों को खाकर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखता है, इसीलिए इसे किसानों का सच्चा मित्र माना जाता है।
*_अंतरराष्ट्रीय मार्केट में करोड़ो की कीमत_*
अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत करोड़ों रुपये होने और कैंसर की दवाइयों व लग्जरी उत्पादों में इसके उपयोग से जुड़े अंधविश्वास व भ्रामक प्रचार के चलते इसकी अवैध तस्करी की जाती हैं। पिछले दिनों मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षा अधिकारियों ने इस तरह के तीन सांप पकड़े थे जिन्हें बैग में छिपाकर ले जाया जा रहा था इसे मारने या पकड़ने पर 7 साल तक कि सजा का प्रावधान है। सर्प रक्षक एनिमल रेस्क्यू टीम अब तक 50 हजार से अधिक सापों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित प्राकृतिक आवासों में छोड़ा चुकी है।
टीम की इस निशुल्क सामाजिक ,साहसिक और सराहनीय सेवा से न केवल दुर्लभ व मूक जीवों की अनगिनत जान बची है, बल्कि रिहायशी इलाकों में सांपों के पहुँचने पर उनके डसने से होने वाली संभावित अनहोनी को रोककर कम से कम 50 हजार से अधिक इंसानी जिंदगियों की भी रक्षा की गई है। पर्यावरण संतुलन और जन-सुरक्षा के प्रति समर्पित इस निस्वार्थ सेवा और बड़े पैमाने पर किए जा रहे मानवीय कार्यों को देखते हुए शासन-प्रशासन द्वारा इस उत्कृष्ट कार्य के लिए समिति के सदस्यों को विशेष रूप से सम्मानित और पुरस्कृत किया जाना चाहिए ताकि उनके हौसले को और मजबूती मिल सके।
*🔴रमेश पत्रकार 94252 52176*




