छाल रेंज चौथे शावक की हुई मौत
मामले की उच्चस्तरीय जांच जरूरी
*♦रायगढ़/ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बेबी एलिफेंट की मौत का सिलसिला जारी है लगातार हो रही मौत से हाथियों की सुरक्षा को ले कर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज से एक बार फिर दुखद खबर सामने आई है, जहाँ सारसमार गांव के तीहीली खार स्थित खेत के कीचड़ में एक हाथी शावक का शव बरामद हुआ है छाल रेंज में बेबी एलिफेंट की कीचड़ दलदल में फंसने से मौत का यह चौथा मामला है विशेष तौर पर देखा जाए तो चारों शावकों की मौत एक ही रेंज में ओर एक ही तरीके से हुई है जो एक गंभीर एवं उच्चस्तरीय जांच का मुद्दा हो सकता है छत्तीसगढ़ वन विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए ओर विशेष जांच दल का गठन कर व्यापक जांच कराई जानी चाहिए ताकि बेबी एलिफेंट की हो रही इन रहस्यमयी मौत की सच्चाई सामने आ सके अब तक वन मंडल इन मौतों को हादसा बता कर रफादफा करता रहा लेकिन लगातार मौतों ने मामले को संदेहास्पद बना दिया है जिसकी जांच होना जरूरी है ताकि उठने वाले सवालों का जवाब मिल सके इससे पहले दर्ज हुए तीन अलग-अलग मामलों में शावकों की मौत पानी और दलदल में फंसने के कारण हुई थी।
हालांकि, इस बार मिले शावक की मौत असल में कैसे हुई, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा बताया जाता हे कि मृतक शावक का वन विभाग ने रविवार को रेस्क्यू कर रात में उसे उसके दल से मिलाया गया था जिसमें 40 हाथी शामिल थे जो छाल रेंज के रिलो गांव में विचरण कर रहे थे उनमें से एक बड़ा दल खेतों की ओर पहुंचा था। इस दौरान यह नन्हा शावक दल से बिछड़ गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम और ‘हाथी मित्र दल’ के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे। दिन और रातभर कड़ी मशक्कत के बाद, वन अमले ने थर्मल ड्रोन की मदद से हाथियों के दल की सही लोकेशन का पता लगाया ओर रात लगभग 1 बजे शावक को दल के पास सुरक्षित छोड़ दिया । थोड़ी देर में हाथियों के चिंघाड़ने की आवाजें आईं और शावक अपने झुंड में शामिल होकर आगे बढ़ गया। इस दौरान वन अमला दल की लगातार निगरानी कर रहा था। दो दिन बाद मंगलवार सुबह उस स्थान से लगभग 4-5 किलोमीटर दूर सारसमार गांव में खेत के कीचड़ में बेबी एलिफेंट का शव मिला सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। खेत में अधिक पानी और दलदली कीचड़ होने की वजह से शव को बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे थे अब वन अमला यह पता लगा रहा हे कि मिला शव रविवार को रेस्क्यू किए गए शावक का हे या किसी दूसरे शावक की मौत हुई हे इसके लिए रविवार को बनाए गए वीडियो फुटेज और पशु डॉक्टरों की मदद ली जा रही है जांच के बाद ही यह पुष्टि हो सकेगी कि यह वही शावक है या नहीं। क्षेत्र में लगातार 4 मासूम हाथी शावकों की जान जाने से वन प्रबंधन और हाथियों के कॉरिडोर सुरक्षा की पोल खुल गई है। दलदली क्षेत्र, खुले पानी के गड्ढे व हाथियों के विचरण की जानकारी होने के बाद भी हो रही मोत से वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था एवं कार्य प्रणाली को लेकर पर्यावरणविदों एवं लोगो ने भारी नाराजगी है।
🔴रमेश पत्रकार 94252 52176




