नहीं देने वाले से हो रही हुज्जतबाजी कंटेम आफ कोर्ट के बाद भी आयोग खामोश !

रायगढ़/ उपभोक्ता आयोग ने छत्तीसगढ़ में माल द्वारा वसूले जा रहे पार्किंग शुल्क को अवैध घोषित कर दिया हे अब कोई भी माल इस तरह की वसूली नहीं कर सकता आदेश का उलंघन करने वाले पर 50 हजार का जुर्माने का प्रावधान भी है इसके बावजूद छत्तीसगढ़ के कुछ मालों में जबरिया यह नजायज वसूली की जा रही है आयोग को इस पर कार्यवाही करनी चाहिए उपभोक्ता फोरम रायपुर ने 22 अप्रैल 2025 को अपने फैसले में साफ कहा है कि भवन अनुमति के दौरान पार्किंग क्षेत्र को जनता की सुविधा के लिए स्वीकृत किया जाता है, इसलिए इस पर शुल्क लेना अनुचित व्यापार की श्रेणी में आता है यह फैसला पूरे छत्तीसगढ़ के मालों पर बंधनकारी था इसके बाद भी दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क की वसूली कल तक बदस्तूर जारी थी इस मामले की शुरुवात रायपुर के अंबुजा सिटी सेंटर मॉल के बाउंसरों द्वारा पार्किंग शुल्क को ले कर वकील अंजिनेश शुक्ला के साथ की गई बदतमीज़ी से हुई थी उन्होंने इस प्रताड़ना से पीड़ित होकर वसूली के विरुद्ध उपभोक्ता फोरम में एक परिवाद दायर किया जिस पर आयोग की अतिरिक्त बेंच, जिसमें अध्यक्ष प्रशांत कुण्डू और सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस शामिल थे ने प्रकरण क्रमांक DC /387/CC/2025/198 में अपना निर्णय सुनाते हुए साफ कहा था कि अंबुजा सिटी सेंटर मॉल किसी भी उपभोक्ता से चाहे दोपहिया वाहन में आए या चौपहिया में पार्किंग शुल्क नहीं ले सकता जिसे राज्य आयोग में चुनौती दी गई थी लेकिन आयोग ने कोई स्टे नहीं दिया था जिसका फायदा उठाकर कुछ माल आज तक अवैध तरीके से पार्किंग शुल्क वसूल रहे हैं जो गैर कानूनी एवं अवैधानिक है इस अवैध वसूली का टारगेट चार पहिया में नाइट शो पिक्चर देखने वाले हो रहे हैं जिन के पास रात को कोई विकल्प नहीं होने से मजबूरन पार्किंग शुल्क देना पड़ता है नहीं देने पर अबुजा माल के बाउंसरों की तरह उनसे भी माल के करोंदे हुज्जत बाजी कर बदतमीज़ी करते हैं जो एक प्रकार से कंटेम आफ कोर्ट है इसलिए ऐसे माल मालिकों के खिलाफ आयोग को संज्ञान ले कर वैधानिक कार्यवाही करनी चाहिए अब राज्य आयोग ने भी अपील को खारिज कर जिला फोरम के फैसले पर मुहर लगा दी ओर इसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू कर दिया है




