
34 जोड़ो का गोल्डन जुबली समारोह
में हुआ भव्य सम्मान बना वर्ल्ड रिकॉर्ड
रायगढ़/ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 34 कपल्स का गोल्डन जुबली फंक्शन पूरी धूमधाम से मनाया गया जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है अग्रसेन जयंती के आगाज पर हुए इस भव्य समारोह को ग्रीनिज बुक में दर्ज किया जाना चाहिए अब तक इस तह का आयोजन कही नहीं हुआ ओर नहीं इतने बड़े स्तर पर गोल्डन जुबली कार्यक्रम का कोई रिकॉर्ड गिनीज बुक ने दर्ज है 50 साल पूरे होने का ऐसा भव्य सामूहिक एवं सार्वजनिक आयोजन अपने आप में अनूठा है इस स्केल व फॉर्मेट में इस तरह का कोई दूसरा आयोजन नहीं है इसे ग्रीनिज बुक में लार्जेस्ट माश गोल्डन जुबली वेडिंग सेलिब्रेशन कटेगरी में दर्ज किया जा सकता है इसके लिए आवश्यक खाना पूर्ति करनी होगी आयोजक समारोह के वीडियो के साथ इस वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन करे तो रायगढ़ की 5150 वी अग्रसेन जयंती का नाम पूरे विश्व में अपनी उपलब्धि के लिए सेलिब्रेटी एवं आयोजकों के नामों के साथ स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा इसके पहले 50 साल के सेलिब्रेशन का सिर्फ एक ही मामला ग्रीनिज बुक में दर्ज हे जो अमेरिका के ‘वेड क्लैन’ परिवार के 12 सगे भाई-बहनों और उनके जीवनसाथियों द्वारा अलग-अलग समय पर अपनी शादी की 50 वीं वर्षगांठ मनाने का है किंतु सामूहिक समारोह का पहला मामला रायगढ़ का है जो कल नटवर स्कूल के मैदान में अग्रसेन जयंती के आगाज के साथ मनाया गया इस भव्य गरिमामय कार्यक्रम में रायगढ़ के ऐसे 34 कपल्स का सम्मान किया गया जिन्होंने अपने वैवाहिक जीवन के 50 साल पूरे कर लिए थे इस अवसर पर सैकड़ों लोगों ने उनका करतल ध्वनि और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया तिलक वो ढोल नगाड़ों के साथ उनकी बरात निकाली गई ओर उन्हें स्टेज पर लाया गया जहां केक काटा गया दोनों ने एक दूसरे को शादी समारोह की तरह ही वर माला पहना कर अपने प्यार का इजहार किया सेल्फी पाइंट पर परिवार के साथ फोटो सेशन भी हुआ यह सामूहिक गोल्डन जुबली फक्शन अपने आप में अनोखा एवं यूनिक था जिसमें भावनाएं थी जज्बात थे प्रेम व प्यार था समर्पण था ओर सबसे बड़ी बात विश्वास व एक दूसरे के प्रति आस्था थी जन्म जन्म के साथ का वायदा था साथ निभाने की कसमे थी तो सुख दुख में साथ रहने का दृढ़ निश्चय था सफल जीवन का एहसास था साथ मरने जीने के वचन थे जिसे निभाने की कसमें सात फेरो में दोनो ने खाई थी ये सारे भाव उस एक पल में शमा गए जब पति पत्नी ने हाथ पकड़ कर एक दूसरे को सफल वैवाहिक जीवन की बधाईयां दी 50 वर्षों के साथ के इस उत्सव में कई पल ऐसे आए, जब माहौल बेहद भावुक हो गया। जीवन के पांच दशक एक-दूसरे के साथ बिताने वाले इन दंपतियों की आंखों में खुशी, अपनापन और बीते वर्षों की अनगिनत यादें साफ झलक रही थीं। यह केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, समर्पण और परिवार की उस खूबसूरत यात्रा का उत्सव था, जिसे शब्दों में पूरी तरह बयां नहीं किया जा सकता पति पत्नी का यह मिलन उस समय ओर खास बन गया जब इन कपल्स के लिए लाइफ आर्केस्ट्रा ने क्या खूब लगती हो बड़ी सुंदर दिखती हो ओर जिसे देख मेरा दिल धड़का वो जन्नत की कोई हूर नहीं मेरे कालेज की एक लड़की है इसके बाद बहरो फूल बरसाओ मेरा महबूब आया जैसे गानों ने तो शमां हो बांध दिया।
इन दंपतियों ने किए विवाह के 50 साल पूरे हुआ सम्मान
जिन जोड़ो का सम्मान किया गया उनमें कुसुम मुरलीधर अग्रवाल कुसुम राजकुमार अग्रवाल, गंगा सुरेश मित्तल, कृष्णा देवी घासीराम अग्रवाल, शकुंतला मोहन लाल अग्रवाल, उषा विजय कुमार अग्रवाल, सरोज पुरुषोत्तम दास अग्रवाल, शारदा देवी कामता अग्रवाल, द्रोपदी संतोष अग्रवाल, सुशीला अजय अग्रवाल, सुलोचना श्रीकृष्ण कुमार, कमला नानक चंद अग्रवाल, सावित्री महावीर अग्रवाल, शांति रामचंद्र अग्रवाल, मीना श्याम बंसल, उषा शंकरलाल अग्रवाल, कुसुमलता मुरली धर अग्रवाल, शोभा गोविंद अग्रवाल, शकुंतला गुलाबचंद अग्रवाल, मंगलादेवी परमानंद अग्रवाल,उमादेवी राधेश्याम (आशाराम), सुशीला देवी चैतन्य कुमार केडिया, मीरा देवी पुरुषोत्तम मोदी, उषा देवी घनश्याम अग्रवाल, शारदा कैलाश बेरीवाल, ममता राजेंद्रअग्रवाल, कौशल्या बजरंग अग्रवाल, कुसुमदेवी रूपचंद अग्रवाल, राजकुमारी मदनलाल अग्रवाल, मीरा बाई परमानंद अग्रवाल, श्यामलता अजय रतेरिया, पुष्पा वासुदेव अग्रवाल, रमेश देवी अर्जुनलाल अग्रवाल तथा रमादेवी वेदप्रकाश सिंघल शामिल हैं
महाराजा अग्रसेन प्रीमियर लीग का भी हुआ शुभारंभ
इसके साथ ही “महाराजा अग्रसेन क्रिकेट प्रीमियर लीग” का भी भव्य शुभारंभ हुआ क्रिकेट को लेकर समाज के युवाओं और खेलप्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। जयंती समारोह में खेल, संगीत और सामाजिक सम्मान का अनूठा संगम नजर आया आयोजन समिति के प्रवक्ता प्रकाश निगानिया ने बताया कि महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर समाज के सभी वर्गों को जोड़ते हुए विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन का उद्देश्य उन दंपतियों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है, जिन्होंने पांच दशकों तक प्रेम, विश्वास और समर्पण के साथ अपने परिवार और समाज को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन दंपतियों का अनुभव और उनका जीवन युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।कार्यक्रम को सफल बनाने में बजरंग (लेन्ध्रा), मुकेश मित्तल कलानोरिया, प्रदीप गर्ग, अनूप बंसल, सचिन बंसल, रवि अग्रवाल (सी.ए.), संजय अग्रवाल (मां बंजारी), रमेश छापरिया, राजेश बेरीवाल, अशोक अग्रवाल (ब्लू चीज), कमलेश रतेरिया, मनीष पालीवाल, प्रकाश निगानिया, मनोज मित्तल सहित आशा अग्रवाल (टाइटन), कविता बेरीवाल, लता (डोरा), शालू गोयल सहित बड़ी संख्या में सदस्यों ने अपना योगदान दिया।




