
निर्दोषों को फंसाया जा रहा हिंदू
महासभा ने दर्ज कराई आपत्ति
*♦रायगढ़/* छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुए साम्प्रदायिक दंगे को लेकर बवाल मचा हुआ है हिंदू महासभा ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे मामले की एस आई टी से जांच कराए जाने की मांग की है पिछले दिनों रायपुर एवं बिलासपुर में एक पत्रकार वार्ता में सभा ने खुलकर आरोप लगाया कि अपनी रक्षा के लिए खड़े निर्दोष हिंदुओं पर पुलिस ने कार्यवाही की है जबकि दंगे में हुए पेट्रोल बम एवं घातक हथियारों का इस्तेमाल किया गया ये हथियार कहां से आए ओर किसने उपयोग किए ये सभी जानते हे दंगा भड़कने वाले लोगों के तार बंगलादेश एवं देश विरोधी ताकतों से जुड़े हुए हैं इसलिए जरूरी हे कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि घटना से जुड़ी देश विरोधी ताकते बेनकाब हो सके इस दंगे में भीड़ के पथराव से एक टी आई एवं कई पुलिस वाले घायल हुए थे जानकारों का कहना हे कि पथराव भी दंगा भड़काने वाले लोगों द्वारा किया गया था लेकिन पुलिस तुष्टिकरण के लिए दोनों पक्षों पर कार्यवाही कर रही है जिसे न्यायोचित नहीं माना जा सकता हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने प्रेस के जरिए मामले की एसआईटी जांच कराने व छत्तीसगढ़ जैसे शांत इलाके में सम्प्रदायिक
विद्वेष फैलाने वाले तत्वों पर कठोर कार्यवाही किए जाने की मांग की है विदित हे कि बिलासपुर पुलिस ने 31 अगस्त को हुए साम्प्रदायिक दंगे के लिए अब तक 30 लोगो को गिरफ्तार किया है जिसमें दोनों पक्षों के लोग शामिल हैं इसमें छत्तीसगढ़ के प्रखर हिंदूवादी नेता राम सिंह को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है पुलिस अधिकारियों ने प्रेस को बताया था कि गिरफ्तारी हो गई विवेचना के बाद आगे कार्यवाही की जाएगी ऐसे में सवाल उठता है कि विवेचना से पहले गिरफ्तारी किस आधार पर की गई यह कैसे तय हुआ कि कौन जिम्मेदार व दोषी है महज सी सी टी व्ही फुटेज से यह साबित नहीं होता कि पकड़े गए लोग ही दंगे के लिए जिम्मेदार थे सी सी टी व्ही से सिर्फ यह साबित होता है कि मौके पर वे मौजूद थे या नहीं ओर जब तक किसी वायलेंस में सीधे इंवॉल्व नही होते दोषी नहीं माना जा सकता इसलिए बिना विवेचना के हुई गिरफ्तारी विधिय दृष्टिकोण से जायज नहीं हो सकती इस को लेकर हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है और मंगलवार 29 सितंबर को छत्तीसगढ़ के जिला मुख्यालय में सर्व हिंदू समाज के लोगों ने प्रदेश के राज्यपाल एवं मुख्य मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दे कर अपना विरोध दर्ज कराया है ,.




