
- नटवर स्कूल के मैदान में सजेगा सनातन परंपरा और डांडिया-गरबा का पावन मंच
- 15 सितंबर से डोम एरिया में जारी है विशेष प्रशिक्षण; मातृशक्ति, युवतियों और बालिकाओं में भारी उत्साह
रायगढ़।
सनातन संस्कृति में नवरात्रि का पर्व केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आदिशक्ति मां जगदम्बा की आराधना, नारी शक्ति के गौरव और सामाजिक समरसता का दिव्य प्रतीक है। सनातन धर्म की इसी समृद्ध परंपरा और भक्ति चेतना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से महिला समन्वय, रायगढ़ द्वारा सेवा भारती समिति के मार्गदर्शन में त्रिदिवसीय ‘मां आदिशक्ति खड़क धारिणी गरबा उत्सव’ का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक व पारंपरिक डांडिया-गरबा महोत्सव शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आगामी 17, 18 एवं 19 अक्टूबर को स्थानीय नटवर स्कूल ग्राउंड में श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न होगा।
*सनातन मूल्यों व मर्यादा का प्रतीक है पारंपरिक गरबा*
समिति ने रेखांकित किया कि गरबा मूलतः सनातन परंपरा में शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना का सात्विक व भक्तिमय माध्यम है। दीप-घट की स्थापना के इर्द-गिर्द चक्राकार गति में नृत्य कर जीवन, सृष्टि और ब्रह्मांड की शक्ति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना ही गरबा का वास्तविक स्वरूप है। आधुनिकता के दौर में भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों और नैतिक मर्यादाओं को जीवंत बनाए रखना इस आयोजन का मूल उद्देश्य है।
*15 सितंबर से प्रारंभ हो चुका है प्रशिक्षण*

उत्सव की भव्यता और पारंपरिक स्वरूप को निखारने के लिए 15 सितंबर से नटवर स्कूल के डोम एरिया में विशेष प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में शहर की बालिकाएं, युवतियां और मातृशक्तियां पूरे भक्तिभाव और उत्साह के साथ विभिन्न तालों पर गरबा एवं डांडिया के पारंपरिक स्टेप्स सीख रही हैं। समिति ने रायगढ़ शहर की अधिक से अधिक माताओं, बहनों व बेटियों से इस प्रशिक्षण में शामिल होकर सनातन संस्कृति के इस पर्व में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का विनम्र आग्रह किया है।
*व्यवस्था संचालन हेतु खड़्ग धारिणी गरबा समिति का गठन*
आयोजन को पूर्णतः अनुशासित, सुव्यवस्थित और भव्य रूप देने के लिए खड़्ग धारिणी गरबा समिति का गठन किया गया है, जिसके दायित्व इस प्रकार हैं:
* संयोजिका: श्रीमती निवेदिता पटनायक
* सह-संयोजिका: श्रीमती सोहिता बाजपेयी एवं सुश्री रुचि मिश्रा
* प्रचार प्रमुख: श्रीमती विनीता अग्रवाल
* समिति सदस्य: श्रीमती स्नेहा तिवारी, श्रीमती सुजाता साहू, श्रीमती आरती जायसवाल, श्रीमती मनीषा दुबे एवं श्रीमती पूनम सोलंकी, श्रीमती किरण चौहान
प्रचार प्रमुख श्रीमती विनीता अग्रवाल ने बताया कि इस गरबा उत्सव के माध्यम से भावी पीढ़ी को सनातन धर्म के संस्कारों, भक्ति रस और सांस्कृतिक एकता से जोड़ने का संकल्प लिया गया है। पूरी समिति आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। शहर की समस्त मातृशक्ति से अपील है कि वे पारंपरिक वेशभूषा में सपरिवार सम्मिलित होकर इस पावन उत्सव को सफल बनाए।




