कर्नाटक कैबिनेट में हलचल: मंत्री बी नागेंद्र ने CM शिवकुमार को सौंपा इस्तीफा
Last Updated:August 26, 2026, 11:17 IST
कर्नाटक के बहुचर्चित वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच कैबिनेट मंत्री बी. नागेंद्र ने अपने पद से त्यागपत्र देने का प्रस्ताव रखा है. बीजेपी द्वारा लगातार बनाए जा रहे राजनीतिक दबाव के बीच नागेंद्र ने उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार से मुलाकात कर यह पेशकश की.

शिवकुमार ने कहा कि वह आलाकमान से चर्चा के बाद फैसला करेंगे. (फाइल फोटो)
कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच कैबिनेट मंत्री बी. नागेंद्र ने अपने पद से हटने की पेशकश कर दी है. इस कथित घोटाले को लेकर मुख्य विपक्षी दल बीजेपी लगातार राज्य सरकार पर हमलावर है और मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही थी. विपक्ष के बढ़ते दबाव और सियासी तनातनी के बीच नागेंद्र ने सरकार की छवि को नुकसान से बचाने के लिए यह कदम उठाया है.
सीएनएन-न्यूज़18 की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री बी. नागेंद्र ने शीर्ष नेतृत्व से बातचीत के दौरान अपने इस्तीफे की इच्छा जाहिर की है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस पूरे मामले में कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. नागेंद्र ने भरोसा जताया है कि जांच में बेदाग साबित होने और अपना नाम पूरी तरह साफ करने के बाद ही वे दोबारा मंत्रिमंडल में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे.
खबर है कि नागेंद्र ने डिप्टी सीएम से कहा, “SIT ने मुझे बरी कर दिया है. मैं कानूनी प्रक्रिया से गुजरूंगा, बेदाग साबित होऊंगा और फिर से कैबिनेट में शामिल हो जाऊंगा.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि BJP उन्हें इसलिए निशाना बना रही है क्योंकि कांग्रेस को अनुसूचित जनजाति समुदाय से मजबूत समर्थन मिला है और राज्य कैबिनेट में SC/ST मंत्रियों का अच्छा-खासा प्रतिनिधित्व है. वहीं, शिवकुमार ने कहा है कि नागेंद्र के प्रस्ताव पर कोई भी जवाब देने से पहले वह कांग्रेस आलाकमान से सलाह-मशविरा करेंगे.
वाल्मीकि कॉर्पोरेशन मामले में BJP ने नागेंद्र को घेरा
BJP, वाल्मीकि ST डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में लगभग 89 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी को लेकर नागेंद्र को सरकार से हटाने की मांग कर रही है. यह विवाद मई 2024 में कॉर्पोरेशन के अकाउंट्स ऑफिसर चंद्रशेखरन पी. की आत्महत्या के बाद शुरू हुआ. उनके छोड़े गए एक नोट में कॉर्पोरेशन से बिना मंजूरी के फंड ट्रांसफर करने का आरोप लगाया गया था. बाद की जांच में आरोप लगाया गया कि कॉर्पोरेशन के खातों से बड़ी रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई थी.
इससे राजनीतिक हंगामा मच गया और नागेंद्र के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग तेज हो गई, जो उस समय आदिवासी कल्याण मंत्री थे. विवाद के बाद नागेंद्र ने जून 2024 में सिद्धारमैया कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया. बाद में, शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद 3 अगस्त को उन्हें राज्य कैबिनेट में वापस शामिल किया गया, जिससे BJP को कांग्रेस सरकार पर निशाना साधने का नया मौका मिल गया.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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Bangarapet,Kolar,Karnataka
First Published :
August 26, 2026, 11:16 IST





